Uncategorized
फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर क्यों बांधते हैं?
फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर क्यों बांधते हैं?
लेखक:
डॉ. कमलेश अग्रवाल
MD (Medicine), FICP, FIMA, FRCP
Radha Krishna Critical Care Hospital, Kota
फ्रैक्चर (Fracture) क्या होता है?
जब किसी दुर्घटना, गिरने, खेलते समय चोट लगने या सड़क दुर्घटना के कारण हड्डी टूट जाती है या उसमें दरार आ जाती है, तो उसे फ्रैक्चर (Fracture) कहते हैं।
फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर क्यों बांधा जाता है?
फ्रैक्चर के बाद प्लास्टर (POP – Plaster of Paris) लगाने का मुख्य उद्देश्य टूटी हुई हड्डी को बिल्कुल स्थिर (Immobilize) रखना होता है ताकि वह सही स्थिति में जुड़ सके।
प्लास्टर लगाने के प्रमुख कारण
1. हड्डी को हिलने से रोकता है
यदि टूटी हुई हड्डी बार-बार हिलती रहे तो वह सही तरीके से नहीं जुड़ती। प्लास्टर हड्डी को स्थिर रखता है।
2. सही स्थिति (Alignment) बनाए रखता है
डॉक्टर द्वारा हड्डी को सही स्थिति में लाने (Reduction) के बाद प्लास्टर उसे उसी स्थिति में बनाए रखता है।
3. दर्द कम करता है
हड्डी के हिलने से दर्द बढ़ता है। प्लास्टर हिलने-डुलने को रोककर दर्द कम करने में मदद करता है।
4. जल्दी और सही तरीके से हड्डी जुड़ती है
स्थिर रहने पर नई हड्डी (Callus) बनने की प्रक्रिया बेहतर होती है और फ्रैक्चर तेजी से भरता है।
5. आसपास की नसों और रक्त वाहिकाओं की सुरक्षा
बार-बार हिलने से नसों, मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान हो सकता है। प्लास्टर इससे सुरक्षा प्रदान करता है।
प्लास्टर कितने समय तक रहता है?
यह फ्रैक्चर के प्रकार, उम्र और हड्डी पर निर्भर करता है।
| फ्रैक्चर का प्रकार | सामान्य समय |
|---|---|
| बच्चों में | 3–6 सप्ताह |
| हाथ की हड्डी | 4–6 सप्ताह |
| पैर की हड्डी | 6–12 सप्ताह |
| जटिल फ्रैक्चर | 8–16 सप्ताह या अधिक |
प्लास्टर लगने के बाद क्या सावधानियाँ रखें?
✅ प्लास्टर को सूखा रखें।
✅ प्लास्टर के अंदर कोई नुकीली वस्तु न डालें।
✅ हाथ या पैर को शुरुआती दिनों में ऊँचा रखें।
✅ उंगलियों को हल्का-हल्का हिलाते रहें (यदि डॉक्टर ने मना न किया हो)।
✅ डॉक्टर द्वारा बताए गए समय पर फॉलो-अप अवश्य कराएं।
✅ वजन तभी डालें जब डॉक्टर अनुमति दें।
किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
यदि प्लास्टर लगने के बाद इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अस्पताल जाएँ—
- बहुत अधिक दर्द
- उंगलियों का नीला या काला पड़ना
- अत्यधिक सूजन
- सुन्नपन या झुनझुनी
- प्लास्टर बहुत ढीला या बहुत कसा हुआ लगना
- प्लास्टर से दुर्गंध या पानी निकलना
- तेज बुखार
क्या हर फ्रैक्चर में प्लास्टर लगाया जाता है?
नहीं।
कुछ फ्रैक्चर में केवल स्लिंग, स्प्लिंट या ब्रेस पर्याप्त होते हैं, जबकि जटिल फ्रैक्चर, खुले फ्रैक्चर (Open Fracture) या हड्डी के अधिक खिसक जाने पर ऑपरेशन (Surgery) करके प्लेट, स्क्रू या रॉड लगानी पड़ सकती है।
क्या प्लास्टर हटाने के बाद फिजियोथेरेपी जरूरी है?
हाँ। लंबे समय तक प्लास्टर रहने से मांसपेशियाँ कमजोर और जोड़ अकड़ सकते हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह अनुसार फिजियोथेरेपी और व्यायाम करने से हाथ या पैर की ताकत और गति जल्दी वापस आती है।
हड्डी जल्दी जुड़ने के लिए क्या खाएँ?
- दूध, दही, पनीर
- हरी पत्तेदार सब्जियाँ
- अंडा
- दालें और सोयाबीन
- मछली
- बादाम और तिल
- पर्याप्त प्रोटीन
- कैल्शियम और विटामिन D (डॉक्टर की सलाह अनुसार)
धूम्रपान और अत्यधिक शराब से बचें क्योंकि ये हड्डी के जुड़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं।
निष्कर्ष
फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर केवल हड्डी को ढकने के लिए नहीं लगाया जाता, बल्कि हड्डी को सही स्थिति में स्थिर रखने, दर्द कम करने, जटिलताओं से बचाने और उसे सही तरीके से जुड़ने में मदद करने के लिए लगाया जाता है। प्लास्टर के दौरान डॉक्टर की सलाह का पालन और समय-समय पर जांच कराना सफल उपचार के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या प्लास्टर में दर्द होना सामान्य है?
शुरुआत में हल्का दर्द सामान्य हो सकता है, लेकिन असहनीय दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
Q2. क्या प्लास्टर के साथ नहाया जा सकता है?
हाँ, लेकिन प्लास्टर को पूरी तरह सूखा रखना चाहिए। वॉटरप्रूफ कवर का उपयोग करें।
Q3. क्या प्लास्टर के अंदर खुजली होने पर कोई चीज डाल सकते हैं?
नहीं। इससे त्वचा को चोट या संक्रमण हो सकता है।
Q4. क्या प्लास्टर हटते ही हाथ या पैर सामान्य हो जाता है?
नहीं। सामान्य ताकत और गति वापस आने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं और फिजियोथेरेपी की आवश्यकता पड़ सकती है।
स्वास्थ्य संदेश
फ्रैक्चर होने पर स्वयं उपचार करने की बजाय तुरंत योग्य चिकित्सक से जांच कराएं। समय पर सही उपचार और उचित देखभाल से अधिकांश फ्रैक्चर पूरी तरह ठीक हो सकते हैं।
#Fracture #BoneHealth #Plaster #POP #OrthopedicCare #हड्डी_टूटना #फ्रैक्चर #BoneHealing #Calcium #VitaminD #RadhaKrishnaHospital #Kota #Baran #HealthAwareness





Leave a reply