Uncategorized
पेशाब में इन्फेक्शन (UTI – Urinary Tract Infection) क्यों होता है?
पेशाब में इन्फेक्शन (UTI – Urinary Tract Infection) क्यों होता है?
पेशाब का संक्रमण (UTI) तब होता है जब बैक्टीरिया, विशेष रूप से E. coli, मूत्रमार्ग (Urethra) के रास्ते मूत्राशय (Bladder) या कभी-कभी किडनी तक पहुंच जाते हैं।
UTI होने के प्रमुख कारण
- कम पानी पीना – पेशाब कम बनने से बैक्टीरिया बाहर नहीं निकल पाते।
- पेशाब रोककर रखना – लंबे समय तक पेशाब रोकने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- महिलाओं में अधिक जोखिम – महिलाओं की मूत्रमार्ग छोटी होने के कारण बैक्टीरिया आसानी से मूत्राशय तक पहुंच जाते हैं।
- मधुमेह (Diabetes) – अधिक शुगर होने से संक्रमण जल्दी होता है।
- गर्भावस्था (Pregnancy) – हार्मोनल बदलाव और मूत्र के प्रवाह में परिवर्तन के कारण।
- किडनी या मूत्राशय की पथरी – पेशाब का प्रवाह रुकने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं।
- प्रोस्टेट का बढ़ना (पुरुषों में) – मूत्र पूरी तरह खाली नहीं हो पाता।
- कैथेटर (Urinary Catheter) – लंबे समय तक कैथेटर रहने से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
- कमजोर प्रतिरक्षा (Low Immunity) – जैसे कैंसर, HIV या स्टेरॉयड दवाओं के उपयोग में।
UTI के लक्षण
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- बार-बार पेशाब आना
- थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब आना
- पेशाब में बदबू या धुंधलापन
- पेशाब में खून आना
- पेट के निचले हिस्से में दर्द
- बुखार, ठंड लगना या कमर में दर्द (यदि संक्रमण किडनी तक पहुंच जाए)
बचाव कैसे करें?
- प्रतिदिन 2–3 लीटर पानी पिएं (यदि डॉक्टर ने पानी सीमित करने को न कहा हो)।
- पेशाब कभी भी देर तक न रोकें।
- जननांगों की सफाई रखें।
- मधुमेह के मरीज शुगर नियंत्रित रखें।
- बार-बार संक्रमण होने पर डॉक्टर से जांच करवाएं।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?
- तेज बुखार और ठंड लगना
- कमर या पीठ में तेज दर्द
- पेशाब में खून आना
- गर्भावस्था में UTI के लक्षण
- पुरुषों या बच्चों में UTI
- 48 घंटे से अधिक लक्षण बने रहना
ध्यान दें: बार-बार UTI होने पर केवल एंटीबायोटिक लेना पर्याप्त नहीं है। इसके कारण जैसे डायबिटीज, पथरी, प्रोस्टेट की समस्या या मूत्रमार्ग की रुकावट की जांच भी आवश्यक होती है।





Leave a reply